नये घर के नींव की इतनी रखें न्यूनतम गहराई | Keep The Minimum Depth Of The Foundation Of The New House

घर बनाने के दो प्रमुख भाग होते हैं, एक जमीनी स्तर से ऊपर, जिसे सुपर-स्ट्रक्चर के रूप में जाना जाता है, (minimum depth of foundation)जबकि दूसरे का निर्माण जमीनी स्तर से नीचे होता है, जिसे सब-स्ट्रक्चर कहा जाता है। वहीं अगर नींव की बात करें तो यह उप-संरचना का एक भाग होता है।
नींव इमारत का एक हिस्सा है, जो संरचना के भार को जमीन पर बाटता है। यहां सबसे जरूरी बात यह है, कि नींव संरचना के भार को इस तरह से बाटती है, कि नींव के आधार के नीचे की मिट्टी कभी भी अधिक निपटान से नहीं गुजरती है। इसलिए जब नींव की खुदाई करनी हो तो मिट्टी के प्रकार, नींव की न्यूनतम गहराई, साइट स्थलाकृति के अनेकों प्रकार की बातों का ध्यान रखना चाहिए। तो आइए यहां जानते हैं कि हमें मिट्टी के प्रकार के आधार पर नींव की कितनी गहराई रखनी चाहिए।

नींव की क्या होनी चाहिए गहराई? | What Should Be The Depth Of Foundation?

नींव की क्या होनी चाहिए गहराई? | What should be the minimum depth of foundation?

नींव की गहराई के बारें में अगर ऑफिसियल भाषा में बात की जाए तो नींव के आधार और प्राकृतिक जमीन की सतह के बीच न्यूनतम ऊर्ध्वाधर दूरी होनी चाहिए। इसके साथ जब आप घर निर्माण का कार्य करा रहे हो तो मिट्टी के प्रकार की जांच जरूर कराएं, और इसके मुताबिक ही नींव की गहराई तय करें।

जानें किस मिट्टी में कितनी होनी चाहिए नींव की खुदाई | Know In Which Soil How Much Foundation Should Be Excavated

जानें किस मिट्टी में कितनी होनी चाहिए नींव की खुदाई | Know in which soil how much foundation should be excavated

मौसम के अधार पर मिट्टी अपना आयतन बदलती है। इसलिए जब आप नींव की खुदाई करा रहें हो तोे पहले मिट्टी की जांच जरूर कराएं। क्योंकि मिट्टी के आयतन में बदलाव मौसम के रूप से गीला होने और सूखने के कारण होता है। इसलिए नींव की गहराई एक मीटर तक रखनी चाहिए।
जैसे कि काली या कपास मिट्टी होती है, जो मौसम के अधार पर सिकुड़ती है और काफी सूज जाती है।

  • एक या दो मंजिला घर बनवाने के लिए यह सलाह दी जाती है कि नींव को गहराई से कम से कम 300 मिमी नीचे रखें। क्योंकि यहां पर दरारें बंद हो जाती हैं।
  • खाई, तालाब, जलकुंड, भरी हुई जमीन या उप-भूमि से सटे या उसके आस-पास नींव की खुदाई नींव को गहराई तक रखा जाना चाहिए।
  • चट्टान या अन्य मौसम प्रतिरोधी जमीन के मामले में, नींव को जमीन के स्तर से कम से कम 50 सेमी की गहराई तक बढ़ा दिया जाना चाहिए।

कमजोर मिट्टी में क्या होनी चाहिए नींव की गहराई | What Should Be The Depth Of Foundation In Weak Soil.

कमजोर मिट्टी में क्या होनी चाहिए नींव की गहराई | What should be the minimum depth of foundation in weak soil

जिस स्थान पर पेड़ की जड़ों के छेद, जानवरों को दफनाने से उत्पन्न गुहाएं हो और भुरभुरी मिट्टी के होने के निशान हो तो इस प्रकार की मिट्टी कमजोर मिट्टी होती है। इसलिए इस दशा में 1 मी से अधिक नींव खोदी जा सकती है। वहीं अगर आपके प्लाट में कहीं पर बड़ा पेड. है, तो सलाह दी जाती है कि उससे नींव 8 मीटर दूर रखा जाना चाहिए।

ठंडे क्षेत्रों में नींव की गहराई | Foundation Depth In Cold Regions

ठंडे क्षेत्रों में जैसे अमेरिका, कनाडा में बाहरी स्तंभ या दीवारों की नींव गहराई से नीचे स्थित होनी चाहिए। इस क्षेत्र में नींव की गहराई 1.5 मीटर तक किया जा सकता है।

मिट्टी में घुलनशील नमक या रसायन होने पर क्या हो नींव की गहराई | What Should Be The Depth Of The Foundation If There Is A Soluble Salt Or Chemical In The Soil

मिट्टी में घुलनशील नमक या रसायन होने पर क्या हो नींव की गहराई | What should be the depth of the foundation if there is a soluble salt or chemical in the soil

कुछ क्षेत्रों में, भूजल या मिट्टी में मौजूद घुलनशील नमक, सल्फेट या अन्य खतरनाक रसायन पाए जाते है। जो नींव को नीचे से कमजोर करते रहते है। ऐसे क्षेत्रों में नींव की रक्षा के लिए कंक्रीट के लिए उच्च एल्युमिना सीमेंट, सुपर सल्फेट सीमेंट या पोर्टलैंड पॉजोलाना सीमेंट जैसे विशेष सीमेंट का उपयोग करें। साथ ही नींव की गहराई उस गहराई के नीचे रखें जहां घुलनशील लवण या रसायनों का प्रभाव समाप्त हो जाए। इतना ही नहीं आप यहां पर नींव की गहराई 1:5 से भी अधिक कर सकते है।

जमीनी स्तर में अंतर होने पर क्या होनी चाहिए नींव गहराई | What Should Be The Foundation Depth If There Is A Difference In The Ground Level

जमीनी स्तर में अंतर होने पर क्या होनी चाहिए नींव गहराई | What should be the foundation depth if there is a difference in the ground level

ढलान की जमीन में नींव

ढलान की जमीन में नींव का समस्त भार नींव के निचले भार पर होता है। जमीन में चट्टान के साथ फुटिंग की न्यूनतम गहराई, फुटिंग के निचले किनारे से क्षैतिज दूरी कम से कम 2 फीट होनी चाहिए।

दानेदार मिट्टी में नींव

दोस्तों इस प्रकार की मिट्टी में आसन्न तल के निचले आसन्न पक्षों के बीच की एक रेखा तय की जाती है उसके ऊर्ध्वाधर से दो क्षैतिज तक की ढलान नहीं होनी चाहिए।

सार | Essence

दोस्तों दीवार, खंभे या घरों और पुलों के आधार स्तंभों का भार नींव द्वारा जमीन पर फैलाया जाता है। इसलिए घरों के निर्माण के लिए बुनियाद अथवा नींव बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। अगर घर बनवाते समय नींव को कमजोर कर दिया तो आपका घर वह बहुत ही कमजोर और भाहीन हो जायेगा। इसलिए घर बनवाते समय नींव पर विशेष ध्यान देकर ही घर का निर्माण शुरू करें।