आइए जानते हैं क्या है नागर शैली

Priyanka Mishra

भारतीय सांस्कृतिक और वास्तुकला में विभिन्न शैलियों का महत्वपूर्ण स्थान है, और इनमें से एक है "नागर शैली"। यह एक विशेष प्रकार की वास्तुकला है जो भारतीय मंदिरों, महलों, और अन्य भव्य इमारतों में प्रचलित है।

शिखरों की सुंदरता:

नागर शैली की पहचान शिखरों की ऊँचाई और सुंदरता से होती है, जो मंदिरों को आकर्षक बनाते हैं।

बृहद रूपरेखा:

नागर शैली की इमारतें बड़ी और समृद्ध रूपरेखा के साथ बनती हैं, जो उन्हें विशेष बनाता है।

बृहद और चार-ताला मंदिर:

मंदिर बड़े और चार-ताला होते हैं, जिससे उन्हें भव्यता मिलती है और विभिन्न शिल्पकला का प्रदर्शन होता है।

महत्वपूर्ण मंदिर:

नागर शैली के मंदिरों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, और सोमनाथ मंदिर शामिल हैं, जो भारत भर में प्रसिद्ध हैं।

प्राचीन स्थापत्यकला का प्रतीक:

नागर शैली मंदिरों में प्राचीन स्थापत्यकला का प्रतीक है, जिसमें सुलेख, मूर्तियाँ, और अर्चिटेक्चर का अद्वितीय संगम होता है।

धार्मिक आधार:

यह शैली भारतीय धर्म और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करती है और मंदिर निर्माण में धार्मिक भावनाओं को साकार रूप से प्रकट करती है।

भव्य महाद्वार:

नागर शैली के मंदिरों में भव्य महाद्वार होते हैं, जो मंदिर को सजीव बनाए रखने का कारण बनते हैं।

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