वाटरप्रूफिंग क्या हैं, इसको करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

वाटरप्रूफिंग क्या हैं, इसको करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

क्या होता हैं वाटरप्रूफिंग ?

क्या होता हैं वाटरप्रूफिंग ?

किसी भी संरचना की सतह को जलरोधी बनाना वाटरप्रूफिंग कहलाता हैं। पानी से प्रभावित होने वाले घरों और किसी संरचना के सतह में जलरोधी व्यवस्था होने से सतह के अंदर पानी प्रवेश नहीं कर पाता है।

वाटरप्रूफिंग के प्रकार

वाटरप्रूफिंग के प्रकार

1.कंक्रीट या प्लास्टर में वाटरप्रूफिंग

1.कंक्रीट या प्लास्टर में वाटरप्रूफिंग

इस प्रकार की वाटरप्रूफिंग उस समय किया जाता है, जब घर का निर्माण हो रहा होता हैं। इस विधि के द्वारा वाटरप्रूफिंग बहुत ही प्रभावी माना जाता हैं।

2.पुरानी छत, दीवाल में वाटरप्रूफिंग लिक्विड के द्वारा

2.पुरानी छत, दीवाल में वाटरप्रूफिंग लिक्विड के द्वारा

इस प्रकार के वाटरप्रूफिंग में दीवारों के दरारों को भरकर किया जाता हैं। इन दरारों को भरने के लिए हाई प्रेशर में वाटर प्रूफिंग केमिकल को कंक्रीट के साथ दरारों के अंदर डाला जाता हैं।

3.बिटुमिनस वाटरप्रुफिंग

3.बिटुमिनस वाटरप्रुफिंग

इसका प्रयोग वाणिज्यिक भवनों की वाटरप्रूफिंग के लिए किया जाता हैं। यह जैविक तरल पदार्थों से बना हुआ होता हैं।

4.सीमेंटीक वाटरप्रुफिंग

4.सीमेंटीक वाटरप्रुफिंग

सिमेंटिक वाटरप्रुफिंग सबसे सरलतम मानी जाती है, क्योंकि इसमें कोई एक्स्ट्रा लेबर चार्ज नहीं लगता हैं, बल्कि दीवारों की चिनाई के दौरान ही इसे कर दिया जाता हैं। इसके साथ ही इसे एक घोल के साथ वाटरप्रुफिंग करने के लिए प्रयोग किया जाता हैं।

वॉटरप्रूफिंग के लाभ

वॉटरप्रूफिंग के लाभ

· वॉटरप्रूफींग होने से दीवारों में नमी नहीं होने पाती है, इसके साथ ही दीवारे भी रिसाव नहीं लेती हैं। · वॉटरप्रूफ घर को संरचनात्मक मजबूती प्रदान करती हैं। · नमी और पानी रिसने से धातुओं में जंग लग सकती है, और लकड़ी सड़ सकती है। लेकिन वॉटरप्रूफिंग होने से इन सभी समस्याओं से बचा जा सकता हैं। · वॉटरप्रूफ फाउंडेशन को मजबूती देता हैं।