टॉप  प्राचीन इमारतें: लखनऊ में विशेषज्ञता का सफर

बड़ा इमामबाड़ा

लखनऊ का गर्व और शहर की पहचान, बड़ा इमामबाड़ा भारतीय स्थापत्यकला का एक शानदार उदाहरण है। इसे नवाब आसफ-उल-दौला ने1784 में बनवाया था, और इसमें बड़ी मस्जिद, रूमाली दरवाज़े और भव्य सफेद इमारतें शामिल हैं।

रुमी दरवाज़ा:

यह दरवाज़ा लखनऊ का एक अन्य ऐतिहासिक रत्न है, जिसे 1784 में नवाब आसफ-उल-दौला ने बनवाया था। इसका नाम सूफी संत रुमी से प्रेरित है और इसमें शानदार नक्काशी और मीनारें हैं।

ब्रिटिश रेज़िडेंसी

ब्रिटिश रेज़िडेंसी, लखनऊ का एक ऐतिहासिक स्थल है जो भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण रूप से शामिल है। यह भव्य इमारत 1800 ईसा पूर्व में बनाई गई थी और ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स का आवास था।

कैसरबाग पैलेस कॉम्प्लेक्स

कैसरबाग पैलेस कॉम्प्लेक्स लखनऊ का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल है जो नवाब वाजिद आली शाह ने 1848 में बनवाया था। यह स्थल लखनऊ के ऐतिहासिक हृदय में स्थित है और उत्कृष्ट आर्किटेक्चर, बागबानी, और सुंदर नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।

छतर मंज़िल

छतर  मंज़िल, लखनऊ का एक और रौंगत है जो शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सौंदर्य को दर्शाता है। इस इमारत की शुरुआत नवाब गाजी-उद-दीन हैदर द्वारा की गई थी, और यह 1781 में पूरी हुई थी। यह अद्वितीय भव्यता और आलीशान आर्किटेक्चर के लिए मशहूर है।

दिलकुशा कोठी

दिलकुशा कोठी, एक विशेष स्थल जो लखनऊ के प्राचीन समय की कहानियों को सजीव करता है, एक सुंदरता का प्रतीक है। यह इमारत नवाब नासिर-उद-दीन हैदर द्वारा 1805 में बनवाई गई थी और इसे "दिलकुशा" या "दिल को भाने वाला" कहा जाता है।

हुसैनाबाद घड़ी टावर

लखनऊ का हुसैनाबाद घड़ी टावर, भारतीय स्थापत्यकला का एक अनमोल रत्न है, जो शहर के दिल में स्थित है। यह टावर नवाब नासिर-उद-दीन हैदर द्वारा बनवाया गया था और इसे 1881 में प्रारंभ किया गया था।

सआदत अली  खान का मकबरा

लखनऊ में स्थित सआदत अली खान का मकबरा उत्तर प्रदेश के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। यहां स्थित इस मकबरे में नवाब सआदत अली खान और उनके परिवार के सदस्यों की मकबरें स्थित हैं, जो इस स्थल को शांतिदान बनाती हैं।

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