वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी भवन में पानी के पाइप कहाँ लगाए जाने चाहिए?

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By Priyanka

दक्षिण-पूर्व दिशा में पाइप्स

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसलिए, घर में पानी के पाइप्स को इस दिशा में स्थापित करना उत्तम होता है जिससे घर की ऊर्जा का संतुलन बना रहे।

उत्तर-पश्चिम दिशा में पाइप्स:

वास्तु शास्त्र में यह कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम दिशा को कुबेर, धन का देवता, से जोड़ा जाता है। इसलिए, इस दिशा में पानी के पाइप्स को स्थापित करना धन की वृद्धि के लिए उपयुक्त हो सकता है।

पूर्वाचल दिशा में स्थापित पाइप्स:

पूर्वाचल दिशा को सूर्य देवता से जोड़ा जाता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। इसलिए, इस दिशा में पाइप्स स्थापित करना घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है और स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में सावधानी:

यह दोनों दिशाएं वास्तु शास्त्र में ऊर्जा के दृष्टिकोण से कमजोर मानी जाती हैं, इसलिए यहां पाइप्स को सही स्थान पर स्थापित करना चाहिए ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बना रहे।

पूजा स्थल के पास नहीं:

वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि जल पाइप्स को पूजा स्थल के बहुत करीब नहीं रखना चाहिए। इससे विघ्न और अशांति का भाव बन सकता है।

पुराने या टूटे हुए पाइप्स को बदलें:

अगर आपके घर में कोई पुराने या टूटे हुए पाइप्स हैं, तो उन्हें बदलना महत्वपूर्ण है। इससे नुकसान से बचा जा सकता है और घर की ऊर्जा की स्थिति में सुधार हो सकती है।

विद्युत सामग्री से दूर:

जल पाइप्स को विद्युत सामग्री से दूर रखना चाहिए। विद्युत से जुड़े पाइप्स घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं जिससे गृहस्ती में अशांति हो सकती है।

आवश्यकतानुसार व्यवस्थित पाइप्स:

आपके घर की आवश्यकताओं के हिसाब से ही पाइप्स को स्थापित करें। ज्यादा पाइप्स से बचें और उन्हें स्थान-स्थान पर व्यवस्थित रखें ताकि आपका घर सुरक्षित और सुधारित रहे।

दोष निवारण के लिए पाइप्स का सही तरीके से रखें:

वास्तु शास्त्र में बताए गए उपायों के अनुसार, कुछ दोषों को दूर करने के लिए पाइप्स को विशेष रूप से रखा जा सकता है। यह सुनिश्चित करेगा कि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और दोष निवारण हो।

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